बाजरा (Pearl Millet) plant growing in a field
प्रमुख मिलेटग्लूटेन-फ्रीछिलके वाला अनाज

बाजरा (Pearl Millet)

Pennisetum glaucum

बाजरा

भारत में सबसे ज़्यादा उगाया जाने वाला मिलेट — राजस्थान और गुजरात का मुख्य अनाज

भारतीय भाषाओं में नाम

LanguageName
Hindiबाजरा (Bajra)
Tamilகம்பு (Kambu)
Teluguసజ్జలు (Sajjalu)
Kannadaಸಜ್ಜೆ (Sajje)
Malayalamകമ്പം (Kambam)
Marathiबाजरी (Bajri)
Bengaliবাজরা (Bajra)
Gujaratiબાજરી (Bajri)
Odiaବାଜରା (Bajra)
Punjabiਬਾਜਰਾ (Bajra)
Sanskritवज्रान्न (Vajranna)

पोषण प्रोफाइल

प्रति 100 ग्राम. स्रोत: ICMR-NIN IFCT 2017 — Indian Food Composition Tables, National Institute of Nutrition, Hyderabad

Calories

361kcal

Protein

11.6g

Fiber

1.2g

Calcium

42mg

Iron

8mg

Glycemic Index

55(low)

पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
कैलोरी361 kcal
प्रोटीन11.6 g
वसा (फैट)5 g
कार्बोहाइड्रेट67.5 g
फाइबर1.2 g
कैल्शियम42 mg
आयरन8 mg
ज़िंक3.1 mg
फॉस्फोरस296 mg
मैग्नीशियम137 mg
पोटैशियम307 mg

बाजरा (Pearl Millet) vs. सफ़ेद चावल

नीचे दी गई स्वास्थ्य जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है और यह चिकित्सा सलाह नहीं है। आहार में बदलाव करने से पहले किसी स्वास्थ्य पेशेवर से परामर्श करें। पूरा अस्वीकरण पढ़ें

सेहत के फायदे

आयरन का भरपूर स्रोत

पूरी तरह प्रमाणित

बाजरे में प्रति 100g में 8.0mg आयरन होता है, जो इसे अनाजों में सबसे अच्छे प्लांट-बेस्ड आयरन स्रोतों में से एक बनाता है। यह आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया से लड़ने में मदद करता है, जो भारत में काफ़ी आम है।

स्रोत: ICMR-NIN IFCT 2017

दिल की सेहत के लिए फ़ायदेमंद

शोध द्वारा समर्थित

बाजरे में मौजूद मैग्नीशियम और पोटैशियम ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और दिल की धड़कन को सामान्य रखने में मदद करके हृदय स्वास्थ्य को सहारा देते हैं।

स्रोत: Journal of Food Science and Technology

डायबिटीज़ प्रबंधन में सहायक

शोध द्वारा समर्थित

लगभग 55 के ग्लाइसेमिक इंडेक्स के साथ, बाजरा खून में ग्लूकोज़ को धीरे-धीरे छोड़ता है, जो इसे डायबिटीज़ वाले लोगों के लिए उपयुक्त बनाता है।

स्रोत: International Journal of Food Sciences and Nutrition

ऊर्जा से भरपूर अनाज

पूरी तरह प्रमाणित

प्रति 100g में 361 कैलोरी, अच्छी प्रोटीन (11.6g) और फ़ैट (5.0g) के साथ, बाजरा ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत है, ख़ासकर शारीरिक मेहनत करने वालों और मज़दूरों के लिए।

स्रोत: ICMR-NIN IFCT 2017

आयुर्वेदिक गुण

रस (स्वाद)

मधुर (मीठा)

वीर्य (शक्ति)

उष्ण (गरम)

विपाक (पचने के बाद)

मधुर

गुण (गुणवत्ता)

गुरु (भारी), स्निग्ध (चिकना)

दोष प्रभाव

वात

बढ़ाता है

पित्त

सामान्य

कफ

कम करता है

चिकित्सीय उपयोग

  • लंबे समय तक ऊर्जा और पोषण देता है
  • मांसपेशियों और ऊतकों को मज़बूत बनाता है
  • ठंडे मौसम और सर्दियों में फ़ायदेमंद
  • स्तनपान कराने वाली माताओं में दूध बढ़ाने में सहायक

शास्त्रीय संदर्भ: भावप्रकाश निघंटु, धान्य वर्ग

मना करने के कारण

  • ज़्यादा वात असंतुलन वाले लोगों के लिए आदर्श नहीं
  • गर्मियों में सीमित मात्रा में खाना चाहिए

Ayurvedic information presented here is derived from classical texts for educational purposes. It is not medical advice. Always consult a qualified Ayurvedic practitioner or healthcare provider before making dietary changes based on Ayurvedic principles.

अस्वीकरण

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कैसे पकाएँ बाजरा (Pearl Millet)

पानी का अनुपात

1:3

भिगोने का समय

भिगोने की ज़रूरत नहीं

पकाने का समय

20-25 मिनट

इसका सबसे अच्छा विकल्प

गेहूँ का आटा (रोटी बनाने के लिए)

बनावट

थोड़ा मोटा और नट जैसा (nutty)

स्वाद

हल्का, मिट्टी जैसा स्वाद

पकाने के टिप्स

  • 1.बाजरे की रोटी या भाकरी बनाने के लिए आटे के रूप में सबसे बढ़िया
  • 2.अगर बाजरा पहली बार खा रहे हैं तो गेहूँ के आटे में मिलाएँ (50:50) — स्वाद हल्का रहेगा
  • 3.बाजरे की रोटी गर्म-गर्म घी के साथ परोसें — बेहतरीन स्वाद आएगा
  • 4.बाजरे का आटा ज़्यादा दिन नहीं टिकता — ताज़ा पिसवाएँ या फ़्रिज में रखें

खेती

प्रमुख राज्य (India)

राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, हरियाणा

वैश्विक क्षेत्र

पश्चिम अफ़्रीका (साहेल), पूर्वी अफ़्रीका, दक्षिण एशिया

उगाने का मौसम

खरीफ़ (जुलाई-अक्टूबर)

पानी की ज़रूरत

350-500mm बारिश

मिट्टी का प्रकार

रेतीली और दोमट मिट्टी; कमज़ोर, सूखी मिट्टी में भी उगता है

कटाई के दिन

65-85 दिन

इतिहास

उत्पत्ति का क्षेत्र

अफ़्रीका का साहेल क्षेत्र

खेती की शुरुआत का काल

लगभग 4500 साल पहले (~2500 ईसा पूर्व)

पुरातात्विक प्रमाण

गुजरात के सुरकोटदा और रोजड़ी से लगभग 2000 ईसा पूर्व के पुरातत्व प्रमाण भारतीय उपमहाद्वीप में इसकी शुरुआती खेती की पुष्टि करते हैं।

फैलाव का तरीका

इसकी शुरुआत पश्चिम अफ़्रीका के साहेल क्षेत्र से हुई और लगभग 2000 ईसा पूर्व में अरब सागर के प्राचीन व्यापार मार्गों से होकर यह भारत पहुँचा।

सांस्कृतिक महत्व

बाजरा राजस्थान और गुजरात की खाद्य संस्कृति में गहराई से जुड़ा हुआ है। घी और गुड़ के साथ बाजरे की रोटी सर्दियों का पारंपरिक खाना है। यह पश्चिमी भारत के फ़सल त्योहारों का भी केंद्र है।

साइड इफेक्ट्स और सावधानियाँ

पाचन संबंधी तकलीफ़

हल्का

शुरुआत में कुछ लोगों को पेट फूलने की समस्या हो सकती है, ख़ासकर जो मिलेट खाने के आदी नहीं हैं। धीरे-धीरे शुरू करना बेहतर है।

गोइट्रोजन की मौजूदगी

मध्यम

कच्चे रूप में गोइट्रोजन होते हैं जो थायरॉइड को प्रभावित कर सकते हैं। पकाने से यह काफ़ी कम हो जाता है, जिससे सामान्य खपत के लिए सुरक्षित रहता है।

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स्रोत

  1. Longvah T, Ananthan R, Bhaskarachary K, Venkaiah K (2017). Indian Food Composition Tables 2017.

अस्वीकरण: यह सामग्री AI की मदद से बनाई गई है और प्रकाशित शोध, सरकारी स्रोतों, और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित है। हम सटीकता के लिए पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन चिकित्सा सलाह के लिए हमेशा किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मिलें।