
बाजरे की रोटी
बाजरे के आटे से बनी मोटी, देसी रोटियाँ, जो राजस्थानी और गुजराती रसोई की शान हैं। ये भरपूर रोटियाँ सफ़ेद मक्खन, लहसुन की चटनी और दाल या कढ़ी के साथ परोसी जाती हैं। ये गर्मी देने वाली होती हैं और सर्दियों में ख़ास तौर पर लोकप्रिय हैं।
तैयारी का समय
15 मिनट
पकाने का समय
15 मिनट
कितने लोगों के लिए
4
कठिनाई
आसान
सामग्री
- बाजरे का आटा — 2 कप (240 ग्राम)
- गुनगुना पानी — 1 कप (लगभग)
- नमक — 1/2 छोटा चम्मच
- घी — 2 बड़े चम्मच (परोसने के लिए)
बनाने का तरीका
- 1
एक बड़े कटोरे में बाजरे का आटा और नमक रखें। धीरे-धीरे गुनगुना पानी डालते हुए उँगलियों से आटा गूँथें।
- 2
मुलायम, चिकना आटा गूँथ लें। बाजरे के आटे में ग्लूटेन नहीं होता, इसलिए यह गेहूँ के आटे की तरह लचीला नहीं होगा। यह लचकदार और नम होना चाहिए, चिपचिपा नहीं।
- 3
आटे को 4 बराबर गोलों में बाँटें। हर गोले को हथेलियों के बीच थपथपाकर या हल्के आटे लगी सतह पर (बाजरे का आटा छिड़कें) लगभग 6-7 इंच व्यास की मोटी टिकिया बना लें। केले के पत्ते या प्लास्टिक शीट पर भी बना सकते हैं।
- 4
भारी तवा या फ्लैट ग्रिडल को मध्यम-तेज़ आँच पर बहुत गर्म करें।
- 5
रोटी को गर्म तवे पर रखें। 2-3 मिनट तक पकाएँ जब तक नीचे भूरे धब्बे न आ जाएँ। सपाट कलछी से पलटें।
- 6
दूसरी तरफ 2-3 मिनट पकाएँ। फिर चिमटे से पकड़कर सीधे आँच पर दोनों तरफ हल्का भून लें जब तक थोड़ी फूले और जगह-जगह काले दाग़ न आ जाएँ।
- 7
भरपूर घी लगाएँ और तुरंत गर्मागर्म परोसें।
टिप्स
- •आटा गूँथने के लिए गुनगुना पानी (न गर्म, न ठंडा) इस्तेमाल करें। गुनगुना पानी ग्लूटेन-फ्री आटे को बाँधने में मदद करता है और आकार देना आसान होता है।
- •बाजरे की रोटी तवे से उतारकर तुरंत खाना सबसे अच्छा है क्योंकि ठंडी होने पर जल्दी सख़्त हो जाती हैं। तुरंत परोसें।
- •अगर थपथपाते वक़्त आटा फट रहा है, तो वह बहुत सूखा है। हथेलियाँ गीली करें और थोड़ा और पानी मिलाकर गूँथें।