कंगनी अंबली (कोर्रलु / थिनई अंबली)
पाँचों सिरिधान्य मिलेट में कंगनी सबसे आसानी से घुल-मिल जाने वाली है। छोटे सुनहरे दाने (तेलुगु में कोर्रलु, कन्नड़ में नवने, तमिल में थिनई) जल्दी नरम पड़ते हैं और एक साफ़, हल्के नटी दलिये में फर्मेंट हो जाते हैं। इन्हें ख़ूब पानी में पकाएँ, बर्तन को रात भर खट्टा होने के लिए छोड़ दें, और अगले दिन छाछ व थोड़े नमक से पतला कर लें। दक्कन भर में कंगनी को खाने का बस यही तरीक़ा है।
तैयारी का समय
30 मिनट भिगोना + रात भर फर्मेंटेशन
पकाने का समय
20 मिनट
कितने लोगों के लिए
4
कठिनाई
आसान
सामग्री
- कंगनी (कोर्रलु) — 1/2 कप (90 ग्राम)
- पानी — 4 कप, पतला करने के लिए अतिरिक्त
- छाछ (या पतला दही) — 1 कप
- नमक — स्वादानुसार (परोसते समय डालें)
- छोटा प्याज़, बारीक कटा — 1 (परोसने के लिए)(वैकल्पिक)
- करी पत्ता — 1 टहनी (परोसने के लिए)(वैकल्पिक)
- हरी मिर्च, बारीक कटी — 1 (परोसने के लिए)(वैकल्पिक)
बनाने का तरीका
- 1
कंगनी को दो बार पानी बदलकर धोएँ, 30 मिनट भिगोएँ, फिर पानी निकाल दें।
- 2
मिलेट को 4 कप पानी में डालें और उबाल लाएँ। धीमी आँच पर 15 से 20 मिनट बीच-बीच में हिलाते हुए पकाएँ, जब तक दाने बहुत नरम हो जाएँ और दलिया गाढ़ा हो जाए।
- 3
इसे कमरे के तापमान तक ठंडा होने दें, फिर बिना नमक डाले मिट्टी के बर्तन या काँच के जार में डालें।
- 4
कपड़े से ढीला ढँकें और रात भर, 8 से 10 घंटे फर्मेंट होने दें, जब तक हल्का खट्टा न हो जाए।
- 5
अगले दिन दानों को हल्का मसलें, फिर छाछ और पीने लायक बनाने भर ठंडा पानी मिलाकर व्हिस्क करें।
- 6
नमक डालें और इस्तेमाल कर रहे हों तो प्याज़, करी पत्ता और हरी मिर्च डालें।
- 7
कमरे के तापमान पर ठंडा परोसें। दोबारा गर्म करने से फर्मेंटेशन से बने कल्चर ख़त्म हो जाएँगे।
टिप्स
- •दानों को तब तक पकाएँ जब तक वे आसानी से टूट जाएँ। नरम दलिया सख़्त, अलग-अलग दानों की तुलना में ज़्यादा समान रूप से फर्मेंट होता है।
- •पारंपरिक सिरिधान्य तरीक़ा एक बार में एक ही मिलेट रखता है, इसलिए अनाज मिलाने के बजाय कंगनी अंबली अकेले बनाएँ।
- •ठंडी रात में जल्दी खट्टा करने के लिए ताज़े मिश्रण में एक चम्मच बचा हुआ फर्मेंटेड अंबली मिला दें।