साँवा की खिचड़ी
आसानउत्तर भारतीयदोपहर का खाना

साँवा की खिचड़ी

साँवा (बार्नयार्ड मिलेट) और मूँग दाल की हल्की, पौष्टिक वन-पॉट खिचड़ी, हल्के मसालों के साथ पकी। साँवा की खिचड़ी पेट पर हल्की, पचने में आसान और व्रत (फास्टिंग) में सँवा खिचड़ी के रूप में ख़ास तौर पर बनाई जाती है। सादगी में सबसे बढ़िया कम्फर्ट फ़ूड।

तैयारी का समय

10 मिनट

पकाने का समय

20 मिनट

कितने लोगों के लिए

3

कठिनाई

आसान

सामग्री

  • साँवा (सँवत/झंगोरा)3/4 कप (130 ग्राम)
  • मूँग दाल (धुली पीली)1/4 कप (50 ग्राम)
  • हल्दी पाउडर1/4 छोटा चम्मच
  • जीरा1 छोटा चम्मच
  • घी1.5 बड़े चम्मच
  • नमक1 छोटा चम्मच
  • पानी3 कप
  • अदरक, कद्दूकस किया1 छोटा चम्मच

बनाने का तरीका

  1. 1

    साँवा और मूँग दाल को एक साथ 3-4 बार पानी बदलकर धोएँ जब तक पानी लगभग साफ़ न हो जाए। 10 मिनट भिगोएँ, फिर छान लें।

  2. 2

    प्रेशर कुकर में मध्यम आँच पर घी गर्म करें। जीरा डालें और चटकने दें।

  3. 3

    कद्दूकस किया अदरक डालें और 30 सेकंड खुशबू आने तक भूनें।

  4. 4

    छना मिलेट और दाल डालें। 1-2 मिनट धीरे से हिलाकर दानों को घी में लपेटें।

  5. 5

    3 कप पानी, हल्दी पाउडर और नमक डालें। एक बार हिलाएँ।

  6. 6

    प्रेशर कुकर का ढक्कन बंद करें और मध्यम आँच पर 2-3 सीटी तक पकाएँ। आँच बंद करें और प्रेशर अपने आप निकलने दें।

  7. 7

    ढक्कन खोलें और धीरे से हिलाएँ। खिचड़ी नरम और दलिया जैसी होनी चाहिए। पतली चाहें तो गर्म पानी डालें।

  8. 8

    एक चम्मच घी डालकर गर्मागर्म परोसें, साथ में दही, पापड़ और अचार रखें।

टिप्स

  • साँवा को सँवत, समवत या झंगोरा भी कहते हैं -- उत्तर भारत में नवरात्रि के व्रत में ख़ासतौर पर इस्तेमाल होता है।
  • ज़्यादा स्वाद के लिए परोसने से पहले 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला और नींबू का रस डालें।
  • यह खिचड़ी पचने में बहुत आसान है और बीमारी से उबर रहे लोगों के लिए बेहतरीन भोजन है।

अस्वीकरण: यह सामग्री AI की मदद से बनाई गई है और प्रकाशित शोध, सरकारी स्रोतों, और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित है। हम सटीकता के लिए पूरी कोशिश करते हैं, लेकिन चिकित्सा सलाह के लिए हमेशा किसी स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मिलें।