
रागी के लड्डू
भुने रागी आटे, गुड़ और घी से बने पारंपरिक दक्षिण भारतीय मीठे गोले। ये लड्डू पौष्टिक, ऊर्जा से भरपूर नाश्ता हैं जो बढ़ते बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दूध पिलाने वाली माताओं को ख़ास तौर पर दिए जाते हैं, इनमें बेहतरीन कैल्शियम और आयरन होता है।
तैयारी का समय
10 मिनट
पकाने का समय
15 मिनट
कितने लोगों के लिए
15
कठिनाई
आसान
सामग्री
- रागी (फिंगर मिलेट) का आटा — 1.5 कप (180 ग्राम)
- गुड़, कद्दूकस किया — 3/4 कप (150 ग्राम)
- घी — 3 बड़े चम्मच
- इलायची पाउडर — 1/2 छोटा चम्मच
- सोंठ पाउडर (सूखा अदरक) — 1/4 छोटा चम्मच
- कद्दूकस किया नारियल (ताज़ा या सूखा) — 2 बड़े चम्मच
बनाने का तरीका
- 1
भारी तले के पैन में रागी के आटे को धीमी से मध्यम आँच पर 8-10 मिनट लगातार हिलाते हुए सूखा भूनें। आटा हल्का गहरा होगा और नटी खुशबू आएगी। जलने न दें।
- 2
अलग पैन में कद्दूकस किया गुड़ और 2 बड़े चम्मच पानी डालें। धीमी आँच पर पूरा पिघलने तक गर्म करें। अशुद्धियाँ हों तो छान लें।
- 3
पिघले गुड़ में भुना रागी आटा डालें। अच्छी तरह मिलाएँ और धीमी आँच पर 2-3 मिनट लगातार हिलाते हुए पकाएँ।
- 4
घी, इलायची पाउडर, सोंठ पाउडर और कद्दूकस नारियल डालें। सब कुछ अच्छी तरह मिल जाने तक मिलाएँ।
- 5
आँच से उतारें और मिश्रण को इतना ठंडा होने दें कि हाथ से पकड़ सकें, बहुत गर्म न हो।
- 6
हथेलियों पर हल्का घी लगाएँ। मिश्रण के छोटे हिस्से लें और ज़ोर से दबाकर लगभग 1.5 इंच व्यास के गोल लड्डू बनाएँ।
- 7
लड्डू कमरे के तापमान पर पूरी तरह ठंडा होने दें। एयरटाइट डिब्बे में रखें। कमरे के तापमान पर 10 दिन तक अच्छे रहते हैं।
टिप्स
- •रागी का आटा धीमी आँच पर सब्र से भूनें। भूनने से कच्चा स्वाद जाता है और लड्डू खुशबूदार बनते हैं। कम भुना आटा कड़वा स्वाद देता है।
- •मिश्रण गुनगुना रहते ही लड्डू बना लें। ज़्यादा ठंडा होने पर गुड़ सख़्त हो जाता है और लड्डू बनते नहीं। ज़रूरत हो तो धीरे से दोबारा गर्म करें।
- •अतिरिक्त पोषण के लिए 2-2 बड़े चम्मच कटे बादाम और भुने अलसी के बीज डालें।